Friday Gold-Silver Rates के अनुसार जून 2026 के अंतिम सप्ताह में सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 26 जून को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,41,175 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि चांदी का भाव 2.20 लाख से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार करता दिखाई दिया।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का ताजा भाव
आज के Friday Gold-Silver Rates के अनुसार अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमतें इस प्रकार हैं—
- 24 कैरेट सोना: ₹1,41,175 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,29,950 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,06,350 प्रति 10 ग्राम
आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
चांदी की कीमत भी बनी चर्चा का विषय
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। Friday Gold-Silver Rates के मुताबिक चांदी फिलहाल ₹2,20,000 से ₹2,25,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार कर रही है। औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार की गतिविधियां भी इसकी कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
वैश्विक घटनाओं का बाजार पर असर

हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई घटनाओं का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति समझौते की खबरों से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर कुछ कम हुआ है।
इसका असर सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 4,034 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर करीब 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। विदेशी बाजार में आई इस नरमी का प्रभाव भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता
मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी स्थिरता आई है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 69.40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम होने की संभावना बनी रहती है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
डॉलर इंडेक्स की मजबूती बनी चुनौती
Friday Gold-Silver Rates पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का भी महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिल रहा है। डॉलर के मजबूत रहने से भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है, जिससे सोने का आयात महंगा पड़ सकता है।
निवेशकों की बढ़ी सतर्कता
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क रणनीति अपना रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय बाजार में कीमतों की पुष्टि जरूर करें। मेकिंग चार्ज, जीएसटी और शहर के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की जानकारी लेना बेहतर रहेगा.
आगे कैसी रह सकती है कीमतों की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसले, डॉलर इंडेक्स की दिशा और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में Friday Gold-Silver Rates को प्रभावित करती रहेंगी। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
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